विशेष रिपोर्ट: राजस्थान हाईकोर्ट के मौखिक निर्देशों की अनदेखी? 85 वर्षीय आसाराम बापू की स्वास्थ्य स्थिति और जेल सुविधाओं पर उठे गंभीर प्रश्न
जोधपुर, 2 जून 2026
85 वर्षीय संत आसाराम बापू की स्वास्थ्य स्थिति, चिकित्सा सुविधाओं तथा जेल में उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत व्यवस्थाओं को लेकर एक बार फिर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं। राजस्थान उच्च न्यायालय में 1 जून 2026 को S.B. क्रिमिनल रिट याचिका संख्या 2541/2026 पर हुई सुनवाई के दौरान उनकी आयु, स्वास्थ्य एवं मानवीय आवश्यकताओं से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता पक्ष ने न्यायालय के समक्ष यह तथ्य रखा कि आसाराम बापू वृद्धावस्था के साथ-साथ अनेक गंभीर बीमारियों से ग्रस्त हैं तथा वर्तमान परिस्थितियों में उन्हें विशेष चिकित्सा और मानवीय सुविधाओं की आवश्यकता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय में उनके लिए भोजन, पेयजल, विश्राम हेतु उपयुक्त बेड तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया।
आरोग्यम हॉस्पिटल में उपचार की मांग
सुनवाई के दौरान यह भी अनुरोध किया गया कि आसाराम बापू को जोधपुर स्थित "आरोग्यम हॉस्पिटल" में स्थानांतरित किया जाए, जहाँ प्राकृतिक चिकित्सा, आयुर्वेद, एलोपैथी तथा समग्र (होलिस्टिक) चिकित्सा पद्धतियों के माध्यम से उपचार की व्यवस्था उपलब्ध है।
याचिकाकर्ता पक्ष का कहना था कि उनकी वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए बहुआयामी चिकित्सा व्यवस्था आवश्यक है। हालांकि इस विषय पर अंतिम निर्णय नहीं हो सका और न्यायालय ने राज्य सरकार से निर्देश प्राप्त करने हेतु समय देते हुए अगली सुनवाई 3 जून 2026 निर्धारित की।
मौखिक टिप्पणियों और लिखित आदेश के बीच चर्चा
मामले का सबसे चर्चित पक्ष न्यायालय में हुई मौखिक चर्चा तथा बाद में जारी लिखित आदेश के बीच दिखाई देने वाला अंतर है।
सुनवाई के दौरान उपस्थित लोगों के अनुसार न्यायालय में आसाराम बापू की आयु एवं स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर चर्चा हुई थी। वहीं बाद में जारी औपचारिक लिखित आदेश में इन सुविधाओं का कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं पाया गया।
लिखित आदेश के अनुसार राज्य सरकार की ओर से निर्देश प्राप्त करने के लिए समय मांगा गया, जिसे न्यायालय ने स्वीकार कर लिया। इसी कारण अब यह बहस तेज हो गई है कि क्या मौखिक रूप से उठाए गए मानवीय मुद्दों पर तत्काल अमल किया जाना चाहिए था अथवा लिखित आदेश की प्रतीक्षा आवश्यक है।
गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं आसाराम बापू
उपलब्ध जानकारी के अनुसार आसाराम बापू वर्तमान में अनेक स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित बताए जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि वे सायटिका, हृदय संबंधी समस्याओं, अनिद्रा सहित कई गंभीर रोगों से ग्रस्त हैं। वृद्धावस्था के कारण उनकी शारीरिक क्षमता भी अत्यंत सीमित हो चुकी है तथा चलने-फिरने में उन्हें कठिनाई का सामना करना पड़ता है।
समर्थकों का दावा है कि उन्हें व्हीलचेयर की निरंतर आवश्यकता रहती है, जबकि पर्याप्त सहायक सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। इसके अतिरिक्त विश्राम हेतु उचित बिस्तर, विशेष आहार तथा आवश्यक दवाओं की उपलब्धता को लेकर भी चिंताएं व्यक्त की जा रही हैं।
समर्थकों ने उठाए मानवीय अधिकारों के प्रश्न
आसाराम बापू के समर्थकों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति की आयु, स्वास्थ्य और मानवीय गरिमा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासनिक व्यवस्था की जिम्मेदारी है।
उनका तर्क है कि वृद्ध एवं गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों के मामले में चिकित्सा, भोजन, पेयजल, व्हीलचेयर तथा विश्राम की उचित व्यवस्था केवल सुविधा नहीं, बल्कि एक मानवीय आवश्यकता है।
समर्थकों का कहना है कि यदि वास्तव में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं, तो यह विषय मानवीय दृष्टिकोण से गंभीर विचार का विषय है और इस पर तत्काल ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है।
3 जून की सुनवाई पर टिकी निगाहें
अब इस मामले में सभी की निगाहें 3 जून 2026 को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हुई हैं। उम्मीद की जा रही है कि उस दिन चिकित्सा व्यवस्था, आरोग्यम हॉस्पिटल में स्थानांतरण की मांग, स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता तथा जेल प्रशासन की ओर से किए गए प्रबंधों पर विस्तृत चर्चा होगी।
मामले का परिणाम न केवल आसाराम बापू की स्वास्थ्य देखभाल से जुड़ा है, बल्कि वृद्ध एवं गंभीर रूप से बीमार बंदियों को उपलब्ध कराई जाने वाली मानवीय और चिकित्सीय सुविधाओं के व्यापक प्रश्न से भी संबंधित माना जा रहा है।